नागालैंड मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग का तीखा बयान- "नेक काटना हमें अच्छी तरह आता है, घटोत्कच और हिडिम्बा को भूल गए?"

Date: 2025-12-31

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कोहिमा। नागालैंड सरकार में पर्यटन मंत्री और बीजेपी नेता तेमजेन इम्ना अलोंग ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर (जिसे 'चिकन नेक' कहा जाता है) को लेकर बांग्लादेश के कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम तत्वों की धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अलोंग ने कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने की कोई भी कोशिश बड़ी भूल साबित होगी। उन्होंने पूर्वोत्तर के आदिवासी समुदायों की ताकत का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि "नेक काटना हमें अच्छी तरह आता है" और "हमलोगों से अच्छा गला कोई नहीं काट सकता"।

हाल ही में बांग्लादेश के कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने सोशल मीडिया और बयानों में सिलीगुड़ी कॉरिडोर को 'काटने' की धमकी दी थी, जिससे पूर्वोत्तर भारत को मुख्य भूमि से अलग करने की बात की गई। यह कॉरिडोर (लगभग 22 किमी चौड़ा संकरा रास्ता) पूर्वोत्तर के सात राज्यों को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ता है और नेपाल, भूटान, बांग्लादेश व चीन से घिरा हुआ है।

तेमजेन इम्ना अलोंग ने इसे 'मीडिया का बनाया हुआ शब्द' बताते हुए कहा, "हमारे लिए कोई चिकन नेक नहीं है। हम भारत से मजबूती से जुड़े हुए हैं और हम गर्व से भारतीय हैं।" उन्होंने महाभारत के पात्रों घटोत्कच और हिडिम्बा का जिक्र किया, जो पूर्वोत्तर से जुड़े हैं। हिडिम्बा (भीम की पत्नी और घटोत्कच की मां) डिमासा जनजाति से संबंधित थीं, जो असम और नागालैंड में पाई जाती हैं। अलोंग ने कहा, "यदि उन्होंने घटोत्कच और हिडिम्बा को नहीं देखा है, तो उनका स्वागत है। हम उन्हें दिखाएंगे कि हम क्या करने में सक्षम हैं।"

भारत ने 1971 में आजाद किया था
अलोंग ने बांग्लादेश को याद दिलाया कि भारत ने 1971 में उनकी आजादी में मदद की थी। उन्होंने कहा, "वे इतनी जल्दी भूल गए हैं? यदि वे पागल होकर ऐसी बातें कर रहे हैं, तो बहुत कुछ हो सकता है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी बांग्लादेशी गलत नहीं हैं, लेकिन "कुछ पागल लोग" ऐसी बातें करते हैं। अलोंग ने पूर्वोत्तर की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है और कोई भी धमकी बेकार है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस बयान के बाद पूर्वोत्तर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और इस पर कोई भी खतरा भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। अलोंग का बयान पूर्वोत्तर की भावनाओं को दर्शाता है, जहां लोग खुद को भारत का अभिन्न हिस्सा मानते हैं।
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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